फरीदाबाद,नगर निगम के स्वच्छता अभियान से शहर साफ तो हो रहा है, लेकिन एक सवाल भी खड़ा हो गया है कि आगाज तो बेहद अच्छा, लेकिन अंजाम क्या होगा। शहर से कूड़े को उठाकर बंधवाड़ी कूड़ा ट्रीटमेंट प्लांट में डाला जा रहा है जहां अरावली पर्वत श्रंखला से भी ऊंचे कूड़े के पहाड़ खड़े हो चुके हैं। कूड़े से निकलने वाले पानी जिसे लीचड़ कहा जाता है, उससे भूजल स्तर प्रदूषित हो रहा है, जिसकी शिकायत भी हो चुकी है। ऐसे में शहर को साफ करने के लिए कहीं हम प्रकृति को तो नुकसान नहीं पहुंचा रहे। इस मुद्दे को लेकर ‘खबरवादी’ ने बात की नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव से।
नगर निगम कमिश्नर यशपाल यादव ने बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता थी कि सूखे और गीले कचरे को अलग करना, जिस पर हमने काफी हद तक सफलता पा ली है। अब गीले कचरे को बंधवाड़ी ले जाया जा रहा है और इसको ट्रीट करने की प्रैक्टिस वहां पर की जा रही है। हमारी प्राथमिकता है कि अब वहां पर बायोमैथिनेशन प्रौसेस से गैस में उसको तब्दील करें। इसके लिए नगर निगम अब टेंडर लाने के प्रौसेस में है, जिससे इसके लिए एजेंसी को हायर किया जा सके और यह प्लांट लगाया जा सके। इसका फायदा यह होगा कि हम गीले कूड़े को गैस में परिवर्तित कर सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि कंपोस्ट करने में नगर निगम को खुद का पैसा लगाना पड़ता है। यह बहुत महंगा पड़ता है और फिर कंपोस्ट को बेचना भी एक चुनौती है। गैस में परिवर्तित करने के कार्य को सरकार ने भी बढ़ावा दिया है, इसके लिए तकनीक चुनी गई हैं। कई शहरों में यह बन चुके हैं, जिसमें एजेंसी खुद उसमें पैसा लगाती है और उसको चलाती है। इसमें एजेंसी अपनी कमाई का कुछ हिस्सा निगम को भी देती है। यह तकनीक पर्यावरण के लिए भी अच्छी है। दूसरा यदि हम कंस्ट्रक्शन वेस्ट की बात करें तो गांव रिवाजपुर में हमारा प्लांट तैयार है। ऐसे में हम जहां भी कंस्ट्रक्शन वेस्ट होगा, उसको उठाएंगे और उसको प्लांट में ले जाकर उसकी टाइल तैयार होंगी जो नगर निगम इस्तेमाल करेगा। प्लास्टिक को लेकर हम दो एजेंसियों के साथ ऑलरेडी एग्रीमेंट कर चुके हैं। नगर निगम क्षेत्र में कई यूनिट्स चल रही हैं जो प्लास्टिक को दाने में या अन्य कार्यों के लिए कंवर्ट करती हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का सिस्टम पहले से बना हुआ है। साल 2022 अंत तक हम सभी प्रकार के वेस्ट को ट्रीट कर इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे। यशपाल यादव ने बताया कि ई वेस्ट को लेकर एक एजेंसी को हमने कार्य दे दिया है। हमारा लोगों से यही अनुरोध है कि गीला, सूखा कूड़ा, कंस्ट्रक्शन वेस्ट और ई वेस्ट को अलग करें। ई वेस्ट को यदि वह अलग कर बेचेंगे तो उसके पैसे भी मिलेंगे।

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