खबरवादी,
कोरोना का कहर दुनिया में थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में जो हाहाकार मचा वह सभी ने देखा, लेकिन यदि इसके नए वेरिएंट की तीसरी लहर आ गई तो होने वाली तबाही पहले से ज्यादा भयानक होगी। कोरोना के इस नए वेरिएंट के चलते सेंसेक्स में कई लाख करोड़ रुपये निवेशकों के डूब गए। यह नया वेरिएंट इतना घातक है कि मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 15 दिसंबर से अंतर्राष्ट्रीय उड़ाने शुरू हो जाएंगी, जो इस खतरे को और अधिक बढ़ाएंगी। कुल मिलाकर अब हम सभी को सावधान हो जाने की जरूरत है। हमारी सावधानी ही इसे फैलने से रोक सकती है।
पिछले साल की बात करें तो साल 2020 में नवंबर अंत तक हालात सामान्य थे, लेकिन उसके बाद कोरोना के जो मामले बढ़ने शुरू हुए तो दिसंबर अंत तक हालात बेकाबू होने शुरू हो चुके थे। पिछले साल भी सभी ने कोरोना समाप्त हो गया यह मान सावधानियां बरतनी छोड़ दी थीं, जो कि इस बार भी नजर आ रही हैं। हालात यदि पिछले साल जैसे हुए और कोरोना का नया वेरिएंट फैल गया तो पिछले साल से ज्यादा नाजुक स्थिति पैदा हो सकती है। इसको लेकर केंद्र सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है और यह वेरिएंट जिन देशों में पाया जा रहा है, वहां से आने वाले लोगों की सख्त स्क्रीनिंग हो रही है। कोरोना की दो लहरों ने ही पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया। हमारा देश भी इससे अछूता नहीं रहा और कितने बेरोजगार हुए और कितनों के व्यापार धंधे चौपट हुए इसकी कोई गिनती नहीं है। मौत का तांडव खेलने वाला कोरोना वायरस यदि तीसरी लहर के रूप में आया तो कैसा आएगा कुछ नहीं पता। सीनियर डॉक्टर नीरज जैन कहते हैं कि स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार तैयार है, लेकिन तीसरी लहर किस रूप में आएगी और हमको क्या जरूरतें पड़ेंगी, अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। यह आएगी भी कि नहीं यह भी नहीं कहा जा सकता, लेकिन सतर्कता हम सभी को लगातार बरतने की जरूरत है।

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