फरीदाबाद,
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर बनाने में पूर्व छात्रों से योगदान देने के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र अपने मातृ संस्थानों को अपनाएं और विश्वविद्यालय के सरकारी अनुदान को शून्य तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित करें। जिसका सीधा मतलब हुआ कि सरकार को विश्वविद्यायल पर कोई खर्च न करना पड़े।  मुख्यमंत्री मनोहर लाल जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में ‘पूर्व छात्र मिलन समारोह’ को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय में लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दीनदयाल उपाध्याय ज्ञान संसाधन केन्द्र की आधारशिला रखी। समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय को गुरुकुल पद्वति को अपनाना होगा। भारतीय शिक्षण पद्वति में गुरुकुल आत्मनिर्भर रहे है। गुरुकुल अपने संसाधन गुरू दक्षिणा के माध्यम से जुटाते थे। इसी प्रकार, विश्वविद्यालयों को वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए पूर्व छात्रों की भूमिका को सक्रिय बनाना होगा। पूर्व छात्रों को शिक्षण संस्थान की पूंजी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को एक अलग एलुमनाई सेल बनाना चाहिए और पहले बैच से लेकर अब तक का डेटाबेस बनाना चाहिए। विश्वविद्यालय एवं पूर्व छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि पूर्व छात्रों में संस्थान के विकास में योगदान देने का भाव उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि यदि सभी विश्वविद्यालय ऐसा करने में सफल होते है तो जल्द ही सभी विश्वविद्यालय सरकारी अनुदान से पूर्ण या आंशिक रूप से मुक्त हो जायेंगे। इससे पहले, समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं ढांचागत विकास परियोजनाओं का व्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अपने संसाधन जुटाने की दिशा में कार्यरत है ताकि सरकारी अनुदान पर विश्वविद्यालय की निर्भरता कम किया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से एस्काॅर्ट मुजेसर मैट्रो स्टेशन के साथ जे.सी. बोस विश्वविद्यालय का नाम जोड़ने तथा विश्वविद्यालय में एक हजार क्षमता के नये छात्रावास के निर्माण के लिए सहयोग का अनुरोध किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जे.सी. बोस हरियाणा स्टार्ट-अप प्रतियोगिता का शुभारंभ भी किया। विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह प्रतियोगिता जगदीश चन्द्र बोस की जयंती 30 नवम्बर तक चलेगी, जिसमें विजेताओं को प्रथम पुरस्कार के लिए 10 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार के लिए पांच लाख रुपये तथा तृतीय पुरस्कार के लिए तीन लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जायेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा, बीजेपी विधायक सीमा त्रिखा, नरेन्द्र गुप्ता, राजेश नागर निर्दलीय विधायक नयनपाल रावत, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव अजय गौड़ और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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