फरीदाबाद
उपायुक्त जितेंद्र यादव ने कहा कि जिले के असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले 16 से 59 वर्ष तक की आयु के मजदूरों का सरकार द्वारा यूनीक पहचान पत्र बनाया जाएगा। इसी के साथ ही जिन श्रमिकों का यूनिक आईडी पर रजिस्ट्रेशन होगा उन्हें दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा भी दिया जायेगा। साथ ही भवन एवं अन्य निर्माण कार्य श्रमिक, छोटे और मध्यम किसान, कृषि क्षेत्र के मजदूर, मनरेगा योजना के श्रमिक, पशुपालक श्रमिक, लेवलिंग एंड पैकिंग सर्विस, सब्जी और फल रेहडी वाले, घरेलू कार्य के श्रमिक, न्यूजपेपर वेंडर, रिक्शा ऑटो ड्राइवर, स्ट्रीट वेंडर, गलियों में रेहड़ी चलाकर सब्जी बेचने वाले, आशा वर्कर, ईट भट्टों और पत्थर का कार्य श्रमिक, शेयर क्रोपर्स/ बटाईदार, कपड़ा बुनाई, लकड़ी कार्य श्रमिक, मिडवाइफ दाई, मछुआरे, घर की नौकरानी, दूध विक्रेता, प्रवासी श्रमिक श्रमिकों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।उन्होंने स्थानीय लघु सचिवालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार असंगठित क्षेत्रों में आने वाले सभी प्रमुख श्रमिकों के पहचान पत्र बनाए जाएंगे। जिसमे उनकी श्रमिको की आयु 16 से 59 वर्ष के बीच होनी चाहिए, श्रमिक इनकम टैक्स की श्रेणी में नहीं आता हो और श्रमिक का ईपीएफओ आईएसआई का लाभ नहीं ले रहा हो, वह केवल असंगठित क्षेत्र में ही कार्य करता हो। इसमें सभी विभागों ने पूरी भागीदारी सुनिश्चित करनी है। जिला 30 नवंबर तक 15 लाख श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा और 31 दिसंबर तक शत प्रतिशत यूनीक आईकार्ड तैयार करवाए जाएंगे। और अटल सेवा केंद्र (सीएससी केंद्रों) पर भी कैंप आयोजित करके अधिकारी अधिक से अधिक श्रमिकों को जागरूक करके उनके फार्म भरवाना सुनिश्चित करें। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर मान, एसडीएम बड़खल पंकज सेतिया, जिला शिक्षा अधिकारी ऋतु चौधरी, जिला सूचना जनसंपर्क अधिकारी राकेश गौतम, जिला जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय गुप्ता सहित तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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