फरीदाबाद,

बुधवार को प्रशासन द्वारा जारी प्रैस नोट ने एक सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर छोटे से जिले फरीदाबाद की आबादी कितनी है। प्रशासन के जारी किए गए प्रैस नोट से यह सवाल खड़ा होता है कि वैक्सीनेशन की डोज ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिल चुकी है, कहीं यह आंकड़ा तो गलत पेश नहीं किया जा रहा है। अगर यह आंकड़े सही हैं तो जिले की आबादी चिंता का विषय है। प्रशासन द्वारा जारी किए गए आंकड़े आसानी से हजम नहीं होते।
बुधवार को प्रशासन द्वारा जारी किए गए प्रैस नोट के अनुसार सिविल सर्जन डा. विनय गुप्ता ने बताया कि बुधवार तक जिले में 22 लाख 86 हजार 5 लोगों को कोविड-19 के वायरस के बचाव के लिए दोनों डोज लगाए गए। डाँ विनय गुप्ता ने कहा कि नोवल कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए टीकाकरण एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि लोगों को कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए वैक्शीन की डोज निरंतर लगाई जा रही है।   टीकाकरण से स्वास्थ्य पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। अब इस प्रैस नोट के अनुसार 22 लाख से ज्यादा लोगों को वैक्सीनेशन की डोज लग चुकी है तो जिले की आबादी का अनुमान आप खुद लगा सकते हैं। अभी भी तमाम लोग ऐसे हैं, जिनको वैक्सीनेशन की डोज नहीं लगी है। यदि यह भी मान लिया जाए कि ऐसे लोग चंद ही रह गए हैं तो 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए अभी तो वैक्सीन ही नहीं आई है। ऐसे में यदि 18 साल से कम उम्र के बच्चों की आबादी को भी जोड़ा जाए तो हैरत होती है कि छोटे से फरीदाबाद जिले में कितने लाख लोग समाए हुए हैं। आंकड़ों का यह खेल कैसे खेला जा रहा है यह समझ से परे है।

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