फरीदाबाद,
रामलीला कमेटी के निर्देशक हरीश चंद्र आजाद ने बताया कि रामलीला मंचन के दृश्य का वर्णन करते हुए बताया कि प्रथम सीन में सूपर्णखां राम और लक्ष्मण को विवाह के लिये बार बार कहती है। जब वह क्रोध में सीता को मारने लगती हैं तो लक्ष्मण उसकी नाक काट डालते है। अगले दृश्य में सूपर्णखां अपने भाईयों खर व दूषण के पास सहायता के लिये जाती है तब खर और दूषण राम लक्ष्मण के साथ युद्व में मारे जाते हैं। तीसरे दृश्य में वह रावण के पास जाती है और रावण उसकी कटी नाक देखकर कहता है कि नाक कटी नकटी हुई चेहरा लहू लूहान, बता री बहना तेरा किसने किया यह हाल। तब सूपर्णखां बताती है कि अयोध्या से दो राजकुमार अपनी पत्नी के साथ आये हैं जिन्होंने मेरी नाक काटी तथा खर व दूषण को भी मार दिया। यह सुनकर रावण हैरान व परेशान हो जाता है तब सोचता है कि विष्णु अवतार हो चुका है। बस उसी समय वह मारीच के पास जाता है और मारीच को मायावी सोने का हिरण बनने को कहता है। अगले सीन में राम जब हिरण को पकड़ने जाते हैं तो रावण धोखे से सीता को हर लाता है और रास्ते में जटायू सीता को बचाने आता है तो उसको भी मार देता है। सीता हरण के बारे में जान राम जीवन में पहली बार विलाप करते हैं जो रामलीला का सबसे भावुक दृश्य होता है। रावण बने तेजिन्द्र खरबंदा , राम बने जितेष गेरा, लक्ष्मन बने राजू खरबंदा, सीता बनी रिद्वी खरबंदा, सूपर्णखां बनी रीया खरबंदा, खर बने सौरभ व दूषण बने कपिल शर्मा और जटायू बने मनीष ने अपने अपने किरदार को बखूबी निभाया।

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