फरीदाबाद,
भरत के रोल में कमेटी के सह सचिव वैभव लरोइया ने अपने अभिनय से न केवल मंच पर कलाकार बल्कि दर्शकों की आंखे नम कर दी। कैकयी को धुत्कार भरत ने कौशल्या को वचन दिया कि “यह गद्दी राम की है”। भरत रोते बिलखते हुए राम को मनाने चल देते हैं। दूसरी ओर केवट प्रसंग में कमेटी के सह निर्देशक अशोक नागपाल ने केवट बन भगवान को गंगा पार करवाई।

प्रेम और भक्ति से भरे इस दृश्य में केवट ने राम चरण धो कर उस जल को जब पिया तो तालियों की गड़गड़ाहट से मैदान गूँज उठा । अगले दृश्य में राम भरत मिलन ने सबको ही राममयी कर दिया। राम के रोल में सौरभ ने अपने खड़ाऊ दे कर भरत को अयोध्या के लिये विदा किया। राम और भरत का विछोड़ा देख दर्शक भाव विभोर हो गए। आज मंच पर लक्ष्मण द्वारा काटी जाएगी श्रुपनखा की नाक और होगा माँ सीता का हरण।

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