पलवल,
तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने के विरोध में करीब 9 बजे सबसे पहले किसान धरना स्थल पर जमा हुए उसके बाद गांवों से आने वाले ट्रैक्टरों में सवार किसानों ने अटोहां चौक पर ट्रैक्टरों को आडा तिरछा खडा कर 11 बजकर 40 मिनट पर जाम लगा दिया। जाम के दौरान महिलाएं भी सडक़ पर आकर बैठ गई और गीत गाकर सरकार पर कटाक्ष किया। इस दौरान किसानों ने जमकर सरकार विरोधी नारे लगाए और सरकार को चेतावनी दी कि उसे कृषि कानूनों को रद्द करना ही होगा।

लगा जाम 

जाम में हरियाणा राेडवेज बस भी फंसी। नाम न छोड़ने पर हरियाणा रोड़वेज बस चालक ने कहा कि वह हसनपुर से सवारियां लेकर पलवल के लिए जा रहा था। जब वह अटोहां चौक पर पहुंचा तो किसानों के द्वारा लगाए गए जाम में फंस गया। यहां सभी सवारियां बस से उतर गईं।

जाम के दौरन वाहनों को किया डायवर्ट

जिला पुलिस प्रशासन की तरफ से किसानों द्वारा भारत बंद के आह्वान के बाद हाईवे पर जाम ना लगे इसलिए पुलिस ने 8 स्थान ऐसे बनाए जहां से वाहनों को डायवर्ट किया जा सके। इनमें गदपुरी, दुधोला मोड, करमन बार्डर, बाबरी मोड, असावटा मोड, आगरा चौक, जलाहाका नाका, केजीपी नाका व नूहं बार्डर केएमपी। इन सभी प्वाईटों के रास्ते पुलिस ने वाहनों को डायवर्ट किया और धीरे-धीरे सभी वाहनों को निकाल दिया। इसके बावजूद जाम लगा रहा।

बोले एसपी
एसपी पलवल दीपक गहलावत ने बताया कि बंद के दौरान पुलिस की तरफ से सुरक्षा के पूरे इंतजाम किए गए। अटोहां चौक, केएमपी व केजीपी, रेलव स्टेशन सहित 5 स्थानों को चिन्हित किया।  जहां डीएसपी स्तर के अधिकारियों के साथ आरएएफ को भी तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था किसी तरह से खराब ना हो इसके लिए प्रशासन की तरफ से पूरी सर्तकता बर्ती गई। इसके अलावा 8 स्थानों को चिन्हित करके नाकाबंदी की गई।

बोले किसान नेता
बंद में शामिल किसानों को सम्बोधित करते हुए किसान नेता ने बताया कि देश के अन्नदाता पिछले दस महीने से कृषि कानूनों को निरस्त कराने की मांग को लेकर सड़कों पर बैठे हैं।सरकार ने पिछले आठ महीने से किसानों से बातचीत बंद कर रखी है जिससे किसानों में गुस्सा व नाराजगी बढ़ रही है।सरकार की गलत नीतियों के चलते आज खेती किसानी ढांचागत संकट के दौर से गुजर रही है। जोतोंका आकार छोटा होता जा रहा है।भूमिहीन खेतिहर मजदूर भुखमरी के कगार पर खड़े हो गए हैं आदि।

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