पलवल,

जिले के गांवों में बीमारियों से मरने वालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अभी तक पलवल शहर और आसपास के गांवों में करीब 14 जानें जा चुकी हैं। परिजनों के मुताबिक सभी मौतें बुखार और खांसी से कारण हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग जल जनित बीमारियों से मौत बताते हुए पानी उबाल कर पीने की सलाह दे रहा है। डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों को मारने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 3 लाख 31 हजार 746 घरों की जांच की जा चुकी है और 4 हजार 626 घरों को नोटिस दिए जा चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बुखार, खांसी, उल्टी, दस्त जैसी बीमारियों से मौत हो रही है। सरकारी और प्राईवेट अस्पताल मरीजों से भरे पडे हैं। पलवल से दिल्ली और फरीदाबाद जाने वाले मरीजों के परिजनों ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बैड नहीं मिल रहे हैं। प्राईवेट अस्पताल संचालक डाक्टर डेंगू और मलेरिया बताकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग इसे मानने को तैयार नहीं है।
सीएमओ डाक्टर ब्रहमदीप ने बताया कि जिले में वायरल फीवर है और इससे घबराने की जरूरत नहीं है। सावधानी बरतने और हल्की दवाईयों से ही मरीज ठीक हो सकता है। पानी उबाल कर पिएं और पौष्टिक खाना खाएँ। जांच और उपचार के लिए सिविल अस्पताल आएं ताकि मरीजों की हिस्ट्री जानकार अन्य रोगियों को भी बचाया जा सके। सीएमओ का कहना है कि जिले के अंदर बीमारियों पर काबू पा लिया गया है और कोरोना की रोकथाम के लिए रोजाना हजारों लोगों को वैक्सीन के टीके लगवाए जा रहे हैं।

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