पवन जाखड़ / हेमंत शर्मा। फरीदाबाद
माना जाता है कि महाभारत से पूर्व जिन पांच गांवों को श्री कृष्ण ने दुर्योधन से पांडवों के लिए मांगा था, उसमें से एक तिलपत गांव भी था, जाे कि फरीदाबाद में है। ऐसे में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यह कहा जा सकता है कि श्रीकृष्ण का सीधा नाता फरीदाबाद से था, क्योंकि उन्होंने तिलपत गांव को पांडवों के लिए पसंद किया था। साल 2014 में जब बीजेपी केंद्र में सत्ता में आई थी तो उसके कुछ समय बाद सभी सांसदों को एक गांव गोद लेने के लिए कहा था, जिसे सांसद आदर्श गांव का नाम दिया गया। लोकसभा क्षेत्र फरीदाबाद के सांसद व केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने तिलपत गांव को गोद तो लिया, लेकिन वहां के विकास कार्यों को लेकर जो बात हुई थी, उससे गांव के लोगों की नाराजगी साफ झलकती है।
सत्ता में आने के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने आदर्श गांव के रूप में तिलपत को चुना था, लेकिन वहां के अधिकांश लोग इससे साफ इंकार करते हैं कि उनका गांव कहीं से आदर्श बना हो। गांव निवर्तमान सरपंच पिंटू का कहना है कि आदर्श गांव के रूप में सुविधाएं तो मिली, लेकिन पूरी तरह से नहीं मिली हैं। गांव की मुख्य सड़क, गांव की गली, नाली आदि तो ठीक हुई हैं, लेकिन आदर्श गांव के तहत जो सभी काम पूरे होने थे, वह नहीं हुए। गांव की डिस्पेंसरी में रात के समय यदि कोई गर्भवती महिला या बीमार व्यक्ति पहुंच जाए तो उसको उपचार नहीं मिलता, इसको अपग्रेड करने की बात थी, जो आज तक नहीं हुई। इसके अलावा गांव के मुख्य रास्ते पर नाले का पानी बहता रहता  है, जिसका कोई समाधान नहीं हुआ। गांव के ही निवासी ब्रह्मजीत ने आरोप लगाया कि जलनिकासी न होने की वजह से खेतों में पानी भर रहा है, जिससे मकानों को नुकसान हो रहा है। कई विधायकों को शिकायत देने के बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।
तिलपत कॉलोनी निवासी सोनी ने आरोप लगाया कि11 फुट का रास्ता है हमारा, लेकन नाला जो बनाया गया है उसकी ढलान ठीक न होने के कारण सारा पानी यहां पर भर जाता है। इसकी शिकायत केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी लिखित में की लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। शिवप्रसाद ने आरोप लगाया कि आदर्श गांव तो महज अपवाद है जो कागजों में है। वास्तविकता यह है कि तिलपत आदर्श गांव बना हो ऐसा कोई काम नहीं हुआ। रेखा ने आरोप लगाया कि आदर्श गांव  नाम का ही  है। जलभराव के चलते घरों में बदबू आती है, बच्चों को बीमारी हो रही है। अमित नाम के युवक ने आरोप लगाया कि जलभराव के चलते एक गड्ढे में 14 साल का बच्चा भी डूब कर मर गया, लेकिन किसी की आंख नहीं खुली। हमारी केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर से गुहार है कि इस समस्या से समाधान दिलाया जाए।
केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ। उनके बेटे देवेंद्र चौधरी से भी संपर्क नहीं हो सका। कृष्णपाल गुर्जर के कार्यालय अधिकारी कौशल बाटला से संपर्क हुआ तो उन्होंने बताया कि तबियत सही न होने के चलते वह कार्यालय नहीं आए हैं। वह अपने स्तर पर कृष्णपाल गुर्जर का पक्ष दिलाने का प्रयास करेंगे, लेकिन कृष्णपाल गुर्जर की तरफ से इस संबंध में कोई बयान नहीं आया।

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