फरीदाबाद
डीसी जितेंद्र यादव ने कहा कि जिले में लोगों को कोविड-19 वायरस बचाव के लिए लगाए जा रहे वैक्सीनेशन हर व्यक्ति को लगना सुनिश्चित हो। इसके अलावा  कोविड-19 कोरोना वायरस की तीसरी लहर के लिए भी जिले में पुख्ता प्रबंध होने चाहिए।
डीसी जितेंद्र यादव ने कहा कि हम अभी कोविड-19 महामारी के दौर से निकले नहीं हैं। ऐसे में भविष्य में किसी भी संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए हमें अपनी हर संभव तैयारी रखनी है। वह अपने कार्यालय में प्रशासनिक और चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के साथ कोविड-19 संक्रमण के बचाव के लिए प्रशासन द्वारा किए गए प्रबंधों की समीक्षा कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार कोरोना वायरस बचाव के लिए जिले में प्रशासनिक और और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल बनाकर बेहतर तरीके से इस कार्य काे पूरा करना है। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर हमें पूरी सतर्कता के साथ कार्य करना होगा, ताकि जिला फरीदाबाद में कोरोना वायरस की तीसरी लहर को हम पूर्णतया काबू कर सकें।
डीसी जितेंद्र यादव ने एक-एक करके सरकारी तथा प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए किए गए प्रबंधों और लोगों के उपचार के लिए की गई बेडों की व्यवस्थाओं बारे भी विस्तार पूर्वक जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना वायरस के के लोगों के अलग से बेड और वार्ड बनाए जाएं और वहां पर पूरा स्टाफ सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा वेंटीलेटर बेड और ऑक्सीजन बेडो बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करके समीक्षा की। समीक्षा बैठक में जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ विनय गुप्ता ने बताया कि जिले के नागरिक अस्पताल बीके में 200 बेड तैयार है और एक हजार बेड बनाए जा रहे हैं। इसी प्रकार ईएसआई में 400 बेड है और अटल बिहारी वाजपेई अस्पताल छायंसा में 1250 बेड बनाए गए है। उन्होंने आगे बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में एशियन अस्पताल, संतोष अस्पताल, मैट्रो अस्पताल सहित अन्य प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविड संक्रमण के उपाचार के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के प्राइवेट अस्पतालों में 50 बेड की व्यवस्था है। उनमें अलग से कोरोना वायरस के संक्रमण के बेडो की व्यवस्था के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जारी हिदादातों के अनुसार जिस प्राइवेट अस्पताल में 50 बेड की व्यवस्था है, उसे अपने अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाना भी सुनिश्चित करना है। इसके लिए भी प्राइवेट अस्पतालों के साथ लगातार बातचीत कर रही है और उनके प्लांटों का निरीक्षण भी किया जा रहा है।

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