फरीदाबाद,
जिले में ऑक्सीजन रिफिलिंग मैनेजमेंट सिस्टम और जीविशा हेल्पलाइन जैसे सरकारी कार्यक्रमों को सफल शुरूआत देने बाद जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद अब रोटरी ब्लड बैंक, फरीदाबाद के सहयोग से थैलेसीमिया मरीजों ​की मदद के लिए एक और सामाजिक पहल के साथ आगे आया है। थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है जो शरीर की हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन की क्षमता को प्रभावित करता है। ऐसे मरीजों को जीवित रहने के लिए बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है।
रोटरी ब्लड बैंक, फरीदाबाद के साथ विश्वविद्यालय ने थैलेसीमिया रोगियों को उनकी खून की आवश्यकता को पूरा करने के लिए एक पंजीकरण अभियान शुरू करनेे का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय के स्टूडेंट वालंटियर्स की टीम, जिसे ‘टीम उम्मीद’ के नाम से पहचान मिली है, जरूरतमंद लोगों की मदद करने और उन्हें समय पर सहायता प्रदान करने के लिए काम करेगी। कुलपति प्रो दिनेश कुमार ने विश्वविद्यालय एवं रोटरी ब्लड बैंक की साझा पहल की सराहना की है और स्टूडेंट वालंटियर्स को इस पहल को सफल बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं है।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. रश्मि चावला ने कहा कि अभियान से जुड़ने के लिए फरीदाबाद जिले के मरीजों को एक गूगल लिंक (https://forms.gle/ti2ZwQ44ijBwoKAv9) के माध्यम से अपना पंजीकरण करवाना होगा। इसके बाद मरीज को पंजीकरण नंबर दिया जाएगा। पंजीकरण के बाद मरीज को रोटरी ब्लड बैंक फरीदाबाद जाना होगा, जहां रोगी की जांच की जायेगी और ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया जायेगा। इसके अलावा, रोटरी ब्लड बैंक मरीज को अगली बार खून चढ़ाने के लिए एक तारीख भी देगा। उन्होंने कहा कि उन रोगियों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर वे स्टूडेंट वालंटियर्स से संपर्क कर सकते हैं और मदद ले सकें। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय द्वारा रोटरी ब्लड बैंक को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए जे.सी. बोस विश्वविद्यालय और रोटरी ब्लड बैंक (आरबीबी) चैरिटेबल ट्रस्ट फरीदाबाद के बीच एक समझौता ज्ञापन भी हुआ है। रोटरी ब्लड बैंक द्वारा विश्वविद्यालय में डेटा विश्लेषण प्रयोगशाला भी विकसित की गई है।

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