लोग हो रहे भ्रमित, वर्चुअल वर्ल्ड की वास्तविकता को नहीं रहे समझ

साल 2014 के बाद से सोशल मीडिया पर युवाओं ने जहां नई दुनिया बसाई है, वहीं खासकर राजनीतिक दलों की नजरें इस पर जमकर टिक चुकी हैं। अधिकांश राजनीतिक दलों के वॉर रूम तैयार हो चुके हैं जो वोटरों को लुभाने का हर मुमकिन प्रयास करते हैं। अधिकांश सामान्य व्यक्ति को पता ही नहीं होता जिन सोशल मीडिया पोस्ट को देख वह प्रसन्नता या नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, उनमें से कई राजनीतिक दलों के आईटी सेल के वॉर रूम की देन होती है।
आईटी सेल का रूप महज अब सोशल मीडिया पर पोस्ट डालना ही नहीं रह गया है, बल्कि लोगों की विचारधारा को बदलने के लिए भी इसका इस्तेमाल हो रहा है। सबसे मजबूत आईटी सेल की बात करें तो वह बीजेपी का है और जिस धरातलीय स्तर तक वह पहुंच चुका है, कांग्रेस तो अभी उससे बहुत पीछे है। कांग्रेस पार्टी को सोशल मीडिया तो समझ में आ गया है, लेकिन आईटी सेल वॉर रूम के मामले में वह बहुत पीछे है। एक विचारधारा को सोशल मीडिया के जरिए कैसे पैदा किया जाता है, यह कांग्रेस आईटी सेल को सीखना होगा, हालांकि वह प्रयास कर रही है। अब ऐसे में कांग्रेस साल 2014 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर दम भरे, यह धरातल पर उतरता नजर नहीं आता। इस बारे में बीजेपी फरीदाबाद जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा का कहना है कि बूथ लेवल से लेकर प्रदेश स्तर तक हमारा बेहद मजबूत संगठनात्मक ढांचा है और वॉर रूम से भी बूथ स्तर तक के कार्यकर्ता जुड़े हुए हैं। दूसरी तरफ सालों से कांग्रेस का संगठनात्मक ढांचा ही नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष तो हैं, लेकिन न जिला स्तर पर और ब्लॉक स्तर पर प्रधान हैं। ऐसे में कार्यकर्ता कहां से जुड़ेंगे। आज की तारीख में हम जितने संगठनात्मक और आईटी स्तर पर मजबूत हैं, वहां तक पहुंचने में कांग्रेस को सालों लगेंगे। दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश सोशल मीडिया प्रभारी गौरव ढींगड़ा मानते हैं कि कांग्रेस में कई साल से संगठन खड़ा नहीं हो पाया, लेकिन चंद ही दिनों के अंदर इसकी लिस्ट आउट कर दी जाएगी। वहीं रही आईटी सेल वॉर रूम की बात तो फिलहाल वह चंडीगढ़ में पूरी तरह से सक्रिय है।

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