• सीएम हरियाणा मनोहर लाल ने भी निभाया हरियाणा सीएम का किरदार
  • कैप्टन अभिमन्यु भी आए नजर, फिल्म में बताया गया कि पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा इंटरव्यू देने के बाद फिल्म में दिखाने से कर गए मना
  • जाट आंदोलन के एक – एक पहलू को छूने की बेहतरीन कोशिश करते हुए सामाजिक भाईचारे को बनाए रखने का दिया संदेश

शनिवार को फरीदाबाद में जाट आंदोलन पर आधारित फिल्म ‘चीरहरण’ का स्पेशल प्रीमियर शो शहर के चंद चुंनिंदा लोगों के लिए आयोजित किया गया। फिल्म के डायरेक्टर कुलदीप रोहिल भी इस मौके पर मौजूद थे। फिल्म की शुरूआत जाट आंदोलन में भड़की हिंसा से शुरू हुई और इससे हरियाणा के भाईचारे को किस प्रकार नुकसान पहुंचा, यह भी दर्शाया गया। सामाजिक भाईचारे को चंद कथित नेताओं ने किस तरह तोड़ा यह भी दिखाया और बताया कि 3 से 4 बार समय देने के बाद भी उक्त नेताओं ने इंटरव्यू के लिए समय नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा इंटरव्यू देने के बाद उसको फिल्म में न दिखाया जाए, इसको लेकर उन्होंने मना कर दिया। महज हरियाणा ही नहीं बल्कि अन्य राज्यों में भी ओबीसी आरक्षण को लेकर कैसे जातियों के बीच वैमनस्यता पैदा हो रही है, इसको भी बेहतर तरीके से दिखाया गया। फिल्म में सीएम हरियाणा का किरदार खुद मनोहर लाल ने पूर्ण सशक्ता के साथ निभाया और हर कानूनी और तकनीकी पहलू का बाखूबी जवाब दिया। कैप्टन अभिमन्यु भी इसमें नजर आए जिसमें वह परमात्मा और अपने पड़ोसियों का शुक्रिया अपने परिवार को बचाने के लिए कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान 100 से अधिक ट्रक हाइवे पर फंस गए थे, कैसे ग्रामीणों ने उनके रहने, खाने और ट्रकों की सुरक्षा का इंतजाम किया, यह दृश्य बेहतरीन दिखाया गया है। मुरथल में महिलाओं के साथ हुए गैंगरेप की जो बातें सामने आईं, उसको पुख्ता कानूनी पहलू के साथ दिखाया गया कि अब तक ऐसा एक भी मामला नहीं मिला, हालांकि यह अभी कोर्ट में विचाराधीन है। फिल्म के डायरेक्टर कुलदीप रोहिल ने साफ कहा कि ऐसे आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्व लोगों को गुमराह कर देते हैं, ऐसे में यह ध्यान रखने की जरूरत है कि सामाजिक भाईचारा बना रहे। फिल्म के अंत में देश के अधिकांश राज्यों में हुए आंदोलनों और उसमें हुई हिंसा पर चिंता जताते हुए भाईचारा बनाए रखने पर बल दिया गया।

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